Exclusive : अनसुलझे अपराधों को सुलझाने में अहम भूमिका निभाती है फोरेंसिक साइंस 

LIFESTYLE / Vakil Ki Salah

15 Jul , 2018

रायपुर। अपराध की दुनिया में कई अपराधी साक्ष्यों के अभाव या पुलिस की जांच में कमियों की वजह से छूट जाते हैं। पुलिस जांच में प्रत्यक्ष साक्ष्य व गवाहों को अहम माना जाता है। जब किसी अपराध में पुलिस को साक्ष्य या प्रत्यक्ष गवाह नहीं मिलते। तब पुलिस फोरेंसिक साइंस का सहारा लेती है।  ‘वकील की सलाह’कार्यकम में हमने आज इसी विषय पर चर्चा की। 

बता दें कि कई अपराधों में जब कातिल की पहचान करना मुश्किल हो जाता है और कई बार इस तरह से चीजें होती है कि जांच की दिशा ही अलग हो जाती है। ऐसे में बाद की दुविधा वाली स्थितियों से बचने के लिए पुलिस द्वारा फोरेंसिक साइंस  की मदद ली जाती है और घटनास्थल पर से कुछ  वस्तुएं जैसे कि खून के धब्बों के निशान, बाल और नाखून में फंसे कचरे या चमड़ी के सैंपल ले लिए जाते हैं और बाद में लैब में उनकी जांच की जाती है जो कि अपराध में अपराधी की पहचान के लिए जरूरी है। 

Raju Yadu

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