Video: जलजीवन मिशन का टेंडर रिजेक्ट करना ही काफी नहीं दोषी अफसरों का निलंबन नही बरखास्तगी होनी चाहिए

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27 Oct , 2020

10000 करोड़ रुपए के जल जीवन घोटाले की परत खुलने से और हैरान कर देने वाले तथ्य सामने आ रहे हैं। सबसे चौका देने वाला सच तो यह है कि 7.1 प्रतिशत काम हो भी चुका है। वह भी बिना किसी अनुबंध के केंद्र सरकार की गाइड लाइन के अनुसार बिना थर्ड पार्टी इंस्पेक्शन के काम किया ही नहीं जा सकता। लेकिन यहां तो थर्ड पार्टी इंस्पेक्शन हुआ ही नहीं और तो और थर्ड पार्टी इंस्पेक्शन के लिए किसी से अनुबंध ही नहीं हुआ।फिर 75% काम बाहर के ठेकेदारों को अनुमान के आधार पर दे दिया गया और छत्तीसगढ़ के ठेकेदारों के लिए महज 25% और वह भी दूरदराज के इलाकों का। समझ में नहीं आता छत्तीसगढ़ बना किस के लिए है छत्तीसगढ़वासियों के लिए या बाहर वालों के लिए।

Anil Pusadkar

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